ज्वाला के दोहे

*दोहा छन्द*

दरशन करले हाथ के,एमा चारो धाम।
करिया धंधा छोड़ के,करले उज्जर काम।। (1)

कांटा के का दोष हे,दोषी हावय पाँव।
आस करे तै फूल के,छोड़े अपने छाँव।। (2)

*चौपाई छन्द*
*राम महिमा*
राम नाम के मंतर भारी।
छूवे पथरा  होगे   नारी।।
कांशी म जेन मनखे मरथे।
राम नाम मा ओहा तरथे।।

भक्तन मनहा राम पुकारे।
बैरी दानव तै  हा   मारे।।
राम नाम हावय बढ़ पावन।
अंतस भितरी लाए सावन।।

*ज्वाला प्रसाद कश्यप*
शास.पूर्व माध्य.शाला-झझपुरी खुर्द
मुंगेली (छत्तीसगढ़)
मोबा.8770734890

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