छत्तीसगढ़ी कविता Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps March 01, 2020 * ओखरे शरण मा * ओखरे शरण मा जाके पूछव, जेन ह जग ला पालत हे। मोर तीर झन आके पूछव, काबर धरती हालत हे।। टोपा बांध के बइठे हे, लूको के अपन आँखी । सब के करनी कहाँ जाही, हावय सुरुज ह साखी।। ... Read more