छत्तीसगढ़ी कविता Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 27, 2020 छत्तीसगढ़ी कविता ------------------------------------ धरती के छाती म जनम ले हँव, मोर भार ह एला हरू हावय। ए करिया बादर बता ना, तोला काबर गरू हावय।। - करथे ए हमला दुलार, दे हावय जग ला जनम। का जानबे तै बाँझ बैरी, का... Read more
ज्वाला के दोहे Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 12, 2020 ----- दोहे------- आखर आखर जोड़ के,भाव ल अंतस घोर। देबे ध्यान विधान मा,करहि जगत अंजोर।।(01) ज्वाला किमती ज्ञान हे,खोज खोज के जोर। मनखे मनखे बाँट तै,जाके घर अउ खोर।।(02) सुख जा आबे बाद मा,दुख जाए ... Read more