छंद

*श्री हनुमान जी वंदना* जयकारी/चौपई छंद ------------------------------ नती सुनले नाथ हमार। संकट मोचन पवन कुमार।। बंदन हे बंदन हे रंग। चुपरे बंदन पूरा अंग।। (01) ---------------------------------- आके रख भक्तन के लाज। करे राम के जइसे काज।। बास हावय कण कण मा तोर। पाय नही प्रभु तोरे छोर।।(02) ------------------------------------ अजर अमर के वर ला पाय। राम दूत सेवक कहलाय।। पार करे सौ जोजन दूर। थर थर कापै देख असुर।।(03) ------------------------------------- सागर लांघे प्रभु के काज। संकट हरले हमरो आज।। धन हे धन हे अंजन पूत। मार भगाए दानव भूत।।(04) ------------------------------------ सुमर सुमर के प्रभु के नाँव। तारे परबत रख के पाँव।। नाम सजीवन हावय तोर। अंधियारी म कर अंजोर।।(05) ------------------------------------- ज्वाला प्रसाद कश्यप शिक्षक L.B. शा.पूर्व माध्य.शाला-झझपुरी खुर्द मुंगेली (छ.ग.)8770734890

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