हरिगितिका छंद

माता बड़े संसार मा,आए जगत आधार जी।
सब देव ले आघू हवय,पूजा करे संसार जी।।

रोवा मता माता ल जी,सेवा करव दिन रात मा।
होबे तहूँ ए हाल मा,आवा ग मोरे बात मा।।

   *ज्वाला प्रसाद कश्यप*

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